प्रोग्रामर कैसे बने ? How To Become A Programmer?

प्रोग्रामर कैसे बने

आज जिस तरह computer जगत विस्तार हो रहा  है इस क्षेत्र में नए पदों पर रोजगार का सृजन हो रहा है। जिसमे एक अच्छी सैलरी, सम्मान और सुरक्षा भी मिल रही है। ऐसे ही एक बड़े job profile का नाम है प्रोग्रामर.

प्रोग्रामर को लोग software developer भी कहते है। आज के इस आर्टिकल में हम यही बात करने वाले है कि प्रोग्रामर क्या होता है? और सॉफ्टवेयर डेवलपर क्या होता है?  प्रोग्रामर का काम क्या होता है?  प्रोग्रामर को salary कितनी मिलती है ? और प्रोग्रामर कैसे बने ?

 प्रोग्रामर क्या होता है? What is Programmer?

दोस्तों, आज के तारीख में हम अपने चारों ओर कंप्यूटर से ही घिरे है।  कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है जहा कंप्यूटर न हो और हम जानते है कि कंप्यूटर एक हार्डवेयर होता है जिससे काम लेने के लिए या जिसे चलाने के लिए सॉफ्टवेयर की भी ज़रूरत होती है। 

जितने भी सॉफ्टवेयर हम देखते है या जिनका भी इस्तेमाल हमारे आस पास होता है उन सभी सॉफ्टवेयर को एक निश्चित प्रक्रिया के तहत बनाया जाता है। जिसे हम सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कहते है।  सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में किसी भी सॉफ्टवेयर को बनाने के कई चरण होते है। जैसे कि Analysis, Design, Coding (Programming), Testing, Deployment, Support & maintenance. सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की तीसरे चरण यानिकि Coding में प्रोग्रामिंग आता है। प्रोग्रामिंग का मतलब है कि सॉफ्टवेयर के निर्माण के लिए किसी निर्धारित कंप्यूटर लैंग्वेज में सॉफ्टवेयर बनाने का कोड लिखना। 

क्यूंकि सॉफ्टवेयर की एक परिभाषा ये भी है कि सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर भाषा में लिखे गए statement के समूह जिन्हे हम प्रोग्राम कहते है उन programs का समूह होता है।

जो व्यक्ति कंप्यूटर लैंग्वेज का प्रयोग करके कंप्यूटर के प्रोग्राम्स को लिखता है उसे प्रोग्रामर कहते है। तो दोस्तों ये थी जानकरी कि प्रोग्रामर क्या होता है ?

प्रोग्रामर कैसे बने ? How To Become A Programmer?

एक सफल प्रोग्रामर बनने के लिए आपको प्रोग्रामिंग भाषा जिसका आप प्रयोग कर रहे है उसके वाक्य  विन्यास यानि syntax का विस्तृत ज्ञान आवश्यक है।  लेकिन syntax इस कहानी का छोटा सा हिस्सा भर है।  सिर्फ प्रोग्राम लिखना काफी नहीं जो सिर्फ run करे। परन्तु ये भी आवश्यक है कि प्रोग्राम का रिजल्ट भी आशा अनुरूप  ही हो। अर्थात जो प्रोग्राम आप अपने अर्थ को कंप्यूटर को स्पष्ट तरीके से समझा सकता है वही सही प्रोग्राम माना जाता है।

साथ ही अच्छे प्रोग्रामर प्रोग्राम को इस तरह से लिखता है कि वह दूसरे प्रोग्रामर को आसानी से समझ में आ जाये। ज्यादातर प्रोग्राम हम टीम में बनाते है और अगर कभी अकेले भी बनाते है तो भी हमें उसे कई बार पढ़ना और बदलना पड़ता है।  इसीलिए अच्छे से जमा के लिखा गया प्रोग्राम लम्बे समय में बहुत ही उपयोगी साबित होता है। इसीलिए प्रोग्रामर को चाहिए कि वह इसी बात का ध्यान रखे।

प्रोग्रामर बनने के टिप्स (Tips For Becoming A Programmer)

  • कंप्यूटर भाषा अच्छी पकड़ और समझ ऐसी लैंग्वेज जो चलन में हो।
  • अच्छी तार्किक क्षमता यानि रीजनिंग और लॉजिक।
  • कंप्यूटर की बेसिक फंक्शन की विस्तृत जानकारी
  • कंप्यूटर फ्लो चार्ट की जानकारी
  • निर्णय लेने की अच्छी समझ
  • इंग्लिश की ठीक ठाक जानकारी

प्रोग्रामर की सैलरी कितनी होती है? (Salary Of Programmer) 

किसी भी बहुउद्देशीय कंपनी में या प्रतिष्ठित संस्थान में प्रोग्रामर की प्रोफाइल बहुत अच्छी और सम्मानजनक होती है। 

किसी भी प्रोग्रामर या सॉफ्टवेयर डेवलपर की सैलरी उसके ज्ञान और अनुभव पर निर्भर करती है।  फिर भी आप  प्रोग्रामर के तौर पर प्रति माह 25000 से लेकर लाखों रूपए तक कमा सकते है। 

आपका अनुभव और कंपनी की growth के साथ आपकी सैलरी बढ़ती चली जाती है। एक बात याद रखने किसी भी प्रोग्रामर या डेवलपर का कार्य बहुत ज़्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। 

error free प्रोग्रामिंग, प्रोग्रामिंग लिखने का तरीका, समय पर काम को अच्छे तरह से समाप्त करने का दबाव और अपने मैनेजर के साथ अच्छे सम्बन्ध।  ये सभी चुनौतियों से अगर आप अच्छी तरह से निपट पाते है तो ऐसे में आप कह सकते है कि आप प्रोग्रामर profile के लिए बने है। 

प्रोग्रामर के career में एक और बड़ी चुनौती होती है और वो चुनौती है रोजाना कुछ न कुछ नया सीखते रहना और अपने कंप्यूटर लैंग्वेज की जानकारी को IT उद्योग के अनुसारसमय समय पर update करते रहना। 

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